- 🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक - 08 जून 2022*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2079 (गुजरात-2078)*
🌤️ *शक संवत -1944*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ऋतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - अष्टमी सुबह 08:31 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी 09 जून प्रातः 04:31 तक तत्पश्चात हस्त*
🌤️ *योग - सिद्धि 09 जून प्रातः 03:27 तक तत्पश्चात व्यतिपात*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:38 से दोपहर 02:18 तक*
🌞 *सूर्योदय - 05:57*
🌦️ *सूर्यास्त - 19:18*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - बुधवारी अष्टमी (सूर्योदय से सुबह 08:31 तक)*
🔥 *विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *बुधवारी अष्टमी* 🌷
➡ *08 जून 2022 बुधवार को सूर्योदय से सुबह 08:31 तक बुधवारी अष्टमी हैं ।*
🌷 *बुधवायुक्तायां शुक्ला शुक्लाष्टम्यां, परयुता ग्राह्या*
👉🏻 *बुधवारी शुक्लपक्ष अष्टमी बहुत पुण्यशाली होती है और इस दिन किया गया स्नान, दान, धर्म, जप, तप आदि सब सूर्यग्रहण के समान फल देते हैं।*
🌷 *अमावस्या तु सोमेन सप्तमी भानुना सह।*
*चतुर्थी भूमिपुत्रेण सोमपुत्रेण चाष्टमी।*
*चतस्रस्तिथयस्त्वेताः सूर्यग्रहणसन्निभाः॥*
🙏🏻 *शिवपुराण, गरुड़पुराण, अग्निपुराण, भविष्यपुराण, स्कंदपुराण सभी में बुधाष्टमी की महत्ता का वर्णन है।*
🙏🏻 *भविष्यपुराण में श्रीकृष्ण बुधाष्टमी के व्रत की महत्ता बताते हुए कहते हैं कि इसको करने से नरक का मुख नहीं देखना पड़ता।*
🌷 *“बुधाष्टमीव्रतं भूयो ब्रवीमि शृणु पांडव ।*
*येन चीर्णेन नरकं नरः पश्यति न क्वचित् ।।”*
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🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
➡ *09 जून 2022 गुरुवार को प्रातः 03:28 से 10 जून, शुक्रवार को रात्रि 01:50 तक (यानी 09 जून, गुरुवार को पूरा दिन) व्यतिपात योग है ।*
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🌷 *सुख समृद्धि और सौभाग्य की बढोत्तरी के लिए व्रत*
🙏🏻 *जेष्ट मास में सुहागन देवियों के लिए व्रत "उमा ब्रह्मणि व्रत" ... भविष्योत्तर पुराण के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल नवमी को हो सके तो आसपास कन्याएं - बेटियां छोटी -छोटी हो तो उनको दूध और चावल की खीर का भोजन करायें | खुद भी खायें और माँ पार्वती के नाम का थोड़ा जप कर दें ये मंत्र बोल कर |*
🌷 *ॐ पार्वत्यै नमः*
🌷 *ॐ शंकरप्रियायै नमः*
🌷 *ॐ गौरियै नमः*
🌷 *ॐ उमायै नमः*
🙏🏻 *ये बोल कर माँ पार्वती को प्रणाम करें तो उस सुहागन देवी के घर में सुख समृद्धि और सौभाग्य की बढोत्तरी होती है |*
💥 *विशेष ~ 09 जून 2022 गुरुवार को ज्येष्ठ शुक्ल नवमी तिथि है ।*
