4 साल का B.Ed प्रोग्राम
हाल ही में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन के अध्यक्ष ने बताया है कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुसार अब 4 वर्षीय B.Ed प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इसके बाद साल 2030 से स्कूलों में टीचर बनने की कुछ योग्यताएं निर्धारित कर दी गई हैं। इस लिस्ट में 4 साल की B.Ed की डिग्री ले चुके अध्यापक या 4 साल तक ITEP की डिग्री ले चुके अध्यापक ही 12वीं कक्षा को पढ़ा पाएंगे। 41 विश्वविद्यालयों ने इसके लिए पहला पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया है। इस सिलेबस में न्यू एजुकेशन पॉलिसी के अनुसार 4 चरणों में फाउंडेशन,
प्रीपप्रेटरी, मिडिल और सेकंडरी (5+3+3+4) के लिए टीचर्स की योग्यता और नियुक्ति तय करेगा। ITEP द्वारा केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं दी जाएगी बल्कि बचपन से ही देखभाल और एजुकेशन, फाउंडेशन और लिटरेसी फंडिंग, समावेशी शिक्षा और भारत व इसके मूल्यों, आचारों, कला, परंपराओं की समझ व अन्य विषयों का आधार भी बनाएगा।
स्कूली शिक्षा में सुधार का मकसद
स्कूली शिक्षा के स्तर में सुधार करने के लिए ITEP से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी में बीए बीएड, बीकॉम बीएड और बीएससी बीएड का सिलेबस शुरू किया जा चुका है। अगर 12वीं कक्षा के बाद कोई टीचर बनना चाहता है तो वह इन कोर्स में से एक ले सकता है। लेकिन इसके लागू होने तक 2 साल का बीएड प्रोग्राम ही चालू रहेगा।
अगले सप्ताह शुरू होगा आवेदन
ITEP द्वारा अगले साल 2023-24 में पहले पायलट प्रोजेक्ट के अनुसार मान्यता प्राप्त 41 यूनिवर्सिटीज में 4 साल का बीएड या 4 साल का ITEP कोर्स शुरू कर दिया जायेगा। इसके लिए एडमिशन लेने हेतु NTA द्वारा नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट लिया जायेगा। इसलिए लिए अगले सप्ताह से NTA द्वारा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसके हर बैच में 50 स्टूडेंट होंगे जबकि कुछ यूनिवर्सिटीज में 2-2 बैच भी चलाये जायेंगे।