*🎯आज की वाणी👉*
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*बुधाग्रे न गुणान् ब्रूयात् ,*
*साधु वेत्ति यत: स्वयम्।*
*मूर्खाग्रेऽपि च न ब्रूयाद् ,*
*बुधप्रोक्तं न वेत्ति स:।।*
*भावार्थ--*
_अपने गुण बुद्धिमान् मनुष्य को न बताएँ , वह उन्हें अपने आप जान लेगा और अपने गुण बुद्धिहीन (मूर्ख) मनुष्य को तो कतई न बताएँ , वह उन्हें समझ ही नहीं सकेगा l_
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