🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 18 जून 2022*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2079 (गुजरात-2078)*
🌤️ *शक संवत -1944*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ऋतु*
🌤️ *मास -आषाढ़ (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार -ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - पंचमी रात्रि 12:19 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र - श्रवण सुबह 07:39 तक तत्पश्चात धनिष्ठा*
🌤️ *योग - वैधृति दोपहर 01:50 तक तत्पश्चात विष्कम्भ*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 09:19 से सुबह 10:59 तक*
🌞 *सूर्योदय - 05:58*
🌦️ *सूर्यास्त - 19:21*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
🔥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *अशांति मिटाने के लिए* 🌷
🔥 *गाय के गोबर के कंडे लें, उसके ऊपर घी में भीगे हुए चावल डालकर जलाएं l घर में शांति आएगी व वास्तु दोष दूर होंगे l*
🙏🏻 *पूज्य बापूजी - Ghaziabad Satsang*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *तुतलापन मिटाने के लिए* 🌷
👉🏻 *२-३ बादाम के गिरी मिक्सी में अच्छी तरह घोट के और मक्खन व मिश्री मिलाकर बराबर चबा चबा कर खाएं l १ हफ्ते में तोतलेपन में आराम होता है l*
🙏🏻 *सुरेशानंदजी - Nasik 14.02.2010*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *उन्नतिकारक कुंजियाँ* 🌷
👉🏻 *हलका भोजन करने से शरीर में स्थूलता कम होती है, मन भी सूक्ष्म होता है | सूक्ष्म मन प्रसन्नता का द्योतक है |*
👉🏻 *भृकुटी में तिलक करने से ज्ञानशक्ति का विकास होता है |*
🙏🏻 *ऋषिप्रसाद – सितम्बर 2021*
📖 *वैदिक पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
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