जितना आप किसी विषय पर बात करेंगे उतना ही, लोगों की उत्सुकता बढ़ेगी।
दिनांक 30 मई 2022 सोमवती अमावस्या
पुण्यकाल : सूर्योदय से शाम 05:00 तक
इस दिन मौन रहकर स्नान करने से हजार गौदान का फल होता है । सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता मिटती है।
पीपल के पेड़ को स्त्रियां हल्दी ताकि पेड़ इन्फेक्शन आदि से बचा रहे, गुड़ आदि का भोग क्योंकि जेठ महीन की गर्मी से सूखा पूरा वातावरण कहीं चींटियों को इस पेड़ पर अटैक करने का मौका ना दे तो इनका पेट भरा रहें।
कोई पूजा वूजा नहीं बस पानी की बर्बादी और औरतों का बाहर घूमने मेकअप का मूड है, वामपंथी थी कहेंगे। तो लेफ्टिस्ट प्रभुओं ई सनातनी का, बरगलाओं नही, जितनी बुराई करोगे उतना ही ये अपनी जड़ों में मजबूत होंगे। इत्ता विरोध लेकिन किसलिए? संख्या बढ़ानी है तो जो ये कर रहे वही तुम भी करो, विरोध और तो रॉक सॉलिड हो जाएंगे।
वैसे 30 मई 2022 सोमवती और बरगदी यानी पीपल और बरगद दोनो पूजा है।
-नमस्कार
शक्ति शुक्ला
